हर साल 15 अगस्त को पूरा भारत स्वतंत्रता दिवस मनाता है। यह दिन हमें 15 अगस्त 1947 की याद दिलाता है, जब देश ने ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन से आज़ादी पाई थी। यह अवसर न केवल राष्ट्रीय गर्व का प्रतीक है, बल्कि उन वीरों के बलिदान का स्मरण भी है जिन्होंने अपने प्राणों की आहुति देकर हमें स्वतंत्रता दिलाई।

क्यों मनाते हैं स्वतंत्रता दिवस?
1757 से ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने भारत पर शासन शुरू किया। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के बाद 1858 में क्राउन शासन शुरू हुआ। लंबे संघर्ष, आंदोलनों और बलिदानों के बाद 18 जुलाई 1947 को ब्रिटिश संसद ने भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम पारित किया और 15 अगस्त 1947 को भारत स्वतंत्र हुआ।

15 अगस्त की तारीख क्यों चुनी गई?
भारत के अंतिम वायसराय लॉर्ड माउंटबेटन ने यह तारीख चुनी, क्योंकि यह द्वितीय विश्व युद्ध में जापान के आत्मसमर्पण की दूसरी वर्षगांठ (15 अगस्त 1945) भी थी। भारतीय नेताओं ने इसे ज्योतिषीय दृष्टि से भी शुभ माना। 14-15 अगस्त की मध्यरात्रि को भारत और पाकिस्तान दो स्वतंत्र राष्ट्र बने।

मध्यरात्रि का क्षण और विभाजन
इस ऐतिहासिक रात को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने संसद में “नियति से मिलन” भाषण दिया। हालांकि, आज़ादी के साथ ही विभाजन की त्रासदी आई—लगभग 1.4 करोड़ लोग विस्थापित हुए और सांप्रदायिक हिंसा भड़क उठी। महात्मा गांधी ने इन समारोहों में भाग न लेकर शांति स्थापित करने के लिए कोलकाता में रहने का निर्णय लिया।

स्वतंत्रता आंदोलन के प्रमुख पड़ाव
- 1917: चंपारण सत्याग्रह – गांधीजी का पहला जन आंदोलन।
- 1930: नमक सत्याग्रह – नमक कानून के खिलाफ सविनय अवज्ञा।
- 1930: पूर्ण स्वराज की घोषणा – सम्पूर्ण स्वतंत्रता का आह्वान।
- 1942: भारत छोड़ो आंदोलन – “करो या मरो” का नारा।
इसके अलावा अनगिनत क्षेत्रीय विद्रोह और बलिदान हुए।

राष्ट्रीय प्रतीक और उनके अर्थ
- तिरंगा:
- भगवा – साहस और बलिदान
- सफेद – शांति और सत्य
- हरा – विश्वास और विकास
- अशोक चक्र – कानून और प्रगति
- राष्ट्रीय गान: “जन गण मन” (1950 में अपनाया गया)
- राष्ट्रीय गीत: “वंदे मातरम्”

प्रमुख स्वतंत्रता सेनानी
महात्मा गांधी (अहिंसा), सुभाष चंद्र बोस (आई.एन.ए.), जवाहरलाल नेहरू (दूरदृष्टा नेता), सरदार पटेल (रियासतों का एकीकरण), भगत सिंह, रानी लक्ष्मीबाई, लाला लाजपत राय, सरोजिनी नायडू, और डॉ. भीमराव अंबेडकर जैसे अनेक नाम इस सूची में अमर हैं।

पहला स्वतंत्रता दिवस समारोह
15 अगस्त 1947 को प्रधानमंत्री नेहरू ने लाल किले के प्राचीर पर तिरंगा फहराया, राष्ट्रगान गाया गया और भव्य परेड हुई। राज्यों की राजधानियों में भी इसी प्रकार के समारोह आयोजित हुए।
